हरियाणा में जाएगी हज़ारों युवाओं की नौकरी, जानिए वजह

हरियाणा(Haryana) में जींद उपचुनाव से पहले ग्रुप-डी के 18,218 पदों पर पुरानी खेल पॉलिसी के अनुसार बने ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर भर्ती हुए युवाओं को बर्खास्त किया जाएगा। इससे उन युवाओं में हड़कंप मच गया है, जो पुरानी खेल पॉलिसी के अनुसार ग्रेडेशन सर्टिफकेट बनवाकर नौकरी लगे थे। कुछ युवा पुरानी पॉलिसी(Old Policy) के ग्रेडेशन सर्टिफिकेट(Gradation Certificate) पर ऑब्जेक्श जताते हुए हाईकोर्ट चले गए हैं।

पुरानी खेल पॉलिसी के अनुसार बने ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर ग्रुप-डी में भर्ती हुए युवाओं की नौकरी खतरे में पड़ चुकी है। कुछ विभागों ने बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है। अभी तक पशुपालन विभाग और पीडब्ल्यूडी में कई लोगों को बर्खास्त किया जा चुका है। अन्य महकमों में ग्रेडेशन सर्टिफिकेट की पुष्टि के लिए इन युवाओं को 31 अगस्त तक का समय दिया गया था। इसके बाद युवाओं ने हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है।

बता दें कि पिछले साल हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन(HSSC) ने 26 अगस्त 2018 को ग्रुप-डी के 18,218 पदों के लिए आवेदन मांगे। 1518 पद स्पोर्ट्स कोटे के लिए भी तय किए गए और उनसे ग्रेडेशन सर्टिफिकेट की मांग की गई। अगस्त में भर्ती प्रक्रिया शुरू कर जनवरी 2019 में इन पदों पर भर्ती कर दी गई थी। इसके बाद पुरानी खेल पालिसी के अनुसार बने ग्रेडेशन सर्टिफकेट को अमान्य करार दिया गया। इसके मुताबिक जिला स्तर और स्कूल के सर्टिफिकेट भी अमान्य होंगे। नौकरी की भर्ती के 8 महीने बाद ही दरखास्त किए जाने से गुस्साए युवा हाई कोर्ट पहुँच गए हैं। इसके बाद चीफ सेक्रेटरी ने सभी के ग्रेडेशन सर्टिफिकेट की जांच के आदेश दिए हैं। इससे हरयाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल उठ खड़े हुए हैं।

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