हिमाचल और उत्तराखंड में ज़िंदगी पर भारी पड़ रही है बारिश

उत्तर भारत में इस साल भारी बारिश की वजह से पूरी घाटी में त्राहि-त्राहि मची है। जहाँ उत्तराखंड में बाढ़ और भूस्खलन ने कोहराम मचाया हुआ है वहीं हिमाचल में हर साल से एक हज़ार प्रतिशत ज़्यादा बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया है कि हिमाचल में हिमाचल में एक दिन में औसतन 10 एमएम बारिश होनी चाहिए, लेकिन बीते दो दिन वहाँ 102 एमएम बारिश हुई है। बीते शनिवार और रविवार को हुई बारिश ने पिछले 70 वर्षो में हुई बारिश के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है।

हिमाचल में इन दो दिन की बारिश में ही 25 लोगों की जान चली गयी है। रविवार रात तक ये आंकड़ा 21 का था जो आज बढ़कर 25 हो गया। हिमाचल में 24 अगस्त तक मौसम ख़राब रहने संभावना है। हालांकि, सोमवार से मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। बारिश में सबसे अधिक, 11 मौतें शिमला जिले में हुई हैं। इसके अलावा, सोलन में पांच, चंबा में तीन, कुल्लू में दो, सिरमौर में एक, लाहौल-स्पीति में एक और बिलासपुर में एक जान गई है। सामान्य बारिश 10 एमएम के मुकाबले पिछले दो दिनों में हिमाचल प्रदेश में औसत 102 एमएम बारिश दर्ज की गई है। बिलासपुर के नैना देवी में 360 एमएम बारिश दर्ज की गई जबकि बिलासपुर के ही झंडूता में 268.8 एमएम, ऊना के बरठीं इलाके में 239.8 एमएम, शिमला के रोहड़ू में 230 एमएम, नाहन में 225.4 एमएम, काहू में 181.4, हमीरपुर के बड़सर के मेहरा में 168.8 एमएम बारिश दर्ज की गई है। हिमाचल में भारी बारिश के चलते अब तक 574 करोड़ के नुकसान का आंकलन लगाया गया है।

उत्तराखंड भी बाढ़ की चपेट में

वहीं उत्तराखंड की बात करें तो सिर्फ एक बदल फटने की घटना में ही 17 लोगों के मरने की खबर आई है। बाढ़ और भूस्खलन से अभी तक उत्तराखंड में कई जाने जा चुकी है। उत्तराखंड में हालात अभी भी गंभीर हैं। रोज़ाना घरों के बह जाने और लोगों के गुमशुदा होने की खबर आ रही है। लगभग 25 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है और 20 लोग लापता हैं।

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