दो दिनों की रूस यात्रा पर जा रहे हैं पीएम, कई बड़े समझौतों की उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) बुधवार को दो दिन की रूस(Russia) के दौरे पर निकलेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी रुसी शहर व्लादिवोस्तोक(Vladivostok) में रुकेंगे और भारत और रूस के बीच विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में कई समझौते और योजनाओं के साथ दूसरे मुद्दों को लेकर बातचीत करेंगे। उनकी इस यात्रा के बारे में विदेश सचिव विजय गोखले(Vijay Gokhle) ने सभी को जानकारी दी।

प्रधानमंत्री की इस रूस दौरे के बारे में बताते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा है कि इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर बात होगी। दौरे में दोनों देशों के बीच बिजली क्षेत्रों और कोयला खनन सहित कई समझौतों को अंतिम रूप देने की सम्भावना है। इसमें तेल और गैस क्षेत्र में गहरे सहयोग के लिए पांच वर्षीय खाका तैयार करने की भी कोशिश रहेगी। इसके साथ ही चेन्नई से व्लादिवोस्तोक को जोड़ने के लिए समुद्री मार्ग चालू करने की संभावना के ऊपर भी चर्चा होगी। विदेश सचिव ने बताया कि भारत रूस को कुशल श्रमशक्ति भेजने के अनुमान के साथ वहां से कृषि क्षेत्र में भी सहयोग की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने बताया कि हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में योगदान एक प्रमुख मुद्दा होगा। वहीँ मोदी और पुतिन देश के एक प्रमुख पोत निर्माण यार्ड का भी संयुक्त दौरा करेंगे। 4 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्लादिवोस्तोक शहर में में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन(President Vladimir Putin) के साथ 20 वीं वार्षिक द्विपक्षीय शिखर बैठक करेंगे। इस दौरान अफगान शांति प्रक्रिया और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति समेत कई प्रमुख मुद्दों पर वार्ता होगी। 5 सितम्बर को प्रधानमंत्री मोदी पूर्वी आर्थिक मंच की बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे और वहां के नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

कई बड़े फैसलों की उम्मीद

गौरतलब है कि भारत अभी अपनी ऊर्जा आपूर्ति के लिए खाड़ी क्षेत्र पर ज़्यादा निर्भर है। खाड़ी क्षेत्र से निर्भरता ख़त्म करने के लिए भारत रूस को हाइड्रोकार्बन(Hydrocarbon) के एक प्रमुख स्रोत के रूप में देख रहा है। गोखले ने बताया कि रूस में तेल और गैस क्षेत्रों की प्रगति के लिए भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और रूसी संस्थाओं के बीच कुछ आशय- पत्रों पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके तहत भारत रूस में कुछ नए तेल क्षेत्रों में निवेश का एलान कर सकता है और रूस से एलएनजी के आयात पर भी कोई बड़ा फैसला ले सकता है। इसके साथ ही शहर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय जूडो चैम्पियनशिप(International Judo Championship) में भी दोनों प्रधानमंत्री मौजूद रहेंगे।

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